आगरा रेल मंडल की ऐतिहासिक पहल: 9 स्टेशनों पर एटीवीएम फैसिलिटेटर बनेंगे दिव्यांगजन, लंबी लाइनों से मिलेगी मुक्ति और मिलेगा रोजगार

Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 22 Feb 2026, 09:10 pm IST

आगरा (Agra): भारतीय रेलवे लगातार यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने और समाज के हर वर्ग को सशक्त करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल ने एक बेहद सराहनीय और संवेदनशील पहल की शुरुआत की है। आगरा रेल मंडल द्वारा समाज के दिव्यांगजनों को रोजगार के मुख्य अवसर प्रदान करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन’ (ATVM) के संचालन का जिम्मा सौंपने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इस नई योजना के तहत विशेष रूप से लोकोमोटर डिसेबिलिटी से प्रभावित व्यक्तियों को रेलवे स्टेशनों पर ‘एटीवीएम फैसिलिटेटर’ के रूप में इंगेज किया जाएगा। इस कदम से न केवल उन्हें सम्मानजनक आजीविका मिलेगी, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को अनारक्षित टिकट लेने में भी भारी सुविधा होगी।

HIGHLIGHTS
  • दिव्यांगजनों को रोजगार: आगरा मंडल लोकोमोटर डिसेबिलिटी वाले व्यक्तियों को एटीवीएम फैसिलिटेटर के रूप में करेगा इंगेज।
  • 9 प्रमुख स्टेशनों पर सुविधा: आगरा कैंट, मथुरा जंक्शन और धौलपुर सहित मंडल के 9 रेलवे स्टेशनों पर लागू होगी योजना।
  • 36 लोगों को मिलेगा काम: कुल 12 एटीवीएम मशीनों के सुचारू संचालन के लिए 36 दिव्यांगजनों का किया जाएगा चयन।
  • आकर्षक कमीशन से आय: प्रत्येक टिकट जारी करने पर फैसिलिटेटर को मिलेगा निर्धारित कमीशन, बनेंगे आत्मनिर्भर।

दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में रेलवे का बड़ा कदम

समाज में दिव्यांगजनों को अक्सर रोजगार के सीमित अवसरों का सामना करना पड़ता है। शारीरिक चुनौतियों के कारण उनके लिए कई क्षेत्रों में कार्य करना कठिन होता है। ऐसे में आगरा रेल प्रशासन की यह पहल ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र को चरितार्थ करती है। रेलवे की इस इंगेजमेंट प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य शारीरिक रूप से अक्षम (विशेषकर लोकोमोटर डिसेबिलिटी वाले) नागरिकों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। जब ये नागरिक एटीवीएम फैसिलिटेटर के तौर पर स्टेशन परिसरों में कार्य करेंगे, तो उनके आत्मविश्वास में भारी वृद्धि होगी और समाज में समानता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश होगा।

आगरा मंडल के इन 9 प्रमुख स्टेशनों पर मिलेगी सुविधा

रेलवे प्रशासन ने इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आगरा मंडल के उन 9 प्रमुख स्टेशनों को चिन्हित किया है, जहाँ प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। इन स्टेशनों में ताजनगरी के प्रमुख स्टेशन आगरा कैंट, आगरा फोर्ट, ईदगाह और राजा की मंडी शामिल हैं। इसके अलावा राजस्थान की सीमा से सटे धौलपुर, धर्मनगरी मथुरा जंक्शन, कोसीकलां, किरावली और भूतेश्वर स्टेशनों पर भी इस सुविधा का विस्तार किया गया है। इन सभी व्यस्त स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ रहती है, जिससे अनारक्षित टिकट काउंटरों पर लंबा दबाव रहता है।

12 एटीवीएम मशीनें और 36 फैसिलिटेटर: कैसे करेगा काम?

आगरा रेल मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन 9 चयनित रेलवे स्टेशनों पर कुल 12 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं। इन 12 मशीनों के निर्बाध और सुचारू संचालन के लिए कुल 36 दिव्यांगजनों को फैसिलिटेटर के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इसका अर्थ यह है कि एक मशीन पर शिफ्ट के आधार पर अलग-अलग फैसिलिटेटर कार्य कर सकेंगे, जिससे यात्रियों को सुबह से लेकर रात तक टिकट प्राप्त करने में कोई असुविधा नहीं होगी और दिव्यांगजनों को भी काम के घंटे सुविधाजनक मिलेंगे।

आत्मनिर्भरता की ओर कदम: आकर्षक कमीशन से होगी नियमित आय

इस योजना का सबसे मजबूत पहलू इसका आर्थिक मॉडल है। चयनित एटीवीएम फैसिलिटेटर को रेलवे द्वारा कोई तय वेतन नहीं दिया जाएगा, बल्कि उन्हें ‘कमीशन बेसिस’ पर इंगेज किया जाएगा। फैसिलिटेटर का मुख्य काम उन यात्रियों की मदद करना होगा जो मशीन का उपयोग करना नहीं जानते। फैसिलिटेटर अपने स्मार्ट कार्ड का उपयोग करके यात्रियों को उनके गंतव्य का टिकट निकालकर देंगे। इसके बदले रेलवे प्रशासन द्वारा उन्हें प्रत्येक टिकट के मूल्य पर एक निर्धारित और आकर्षक कमीशन प्रदान किया जाएगा। जितनी अधिक टिकटें उनके द्वारा जारी की जाएंगी, उनकी आय उतनी ही अधिक होगी। यह प्रणाली सीधे तौर पर उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाएगी।

यात्रियों को मिलेगी लंबी लाइनों से मुक्ति

अक्सर देखा गया है कि जनरल टिकट लेने के लिए यूटीएस काउंटरों पर यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार भीड़ के कारण यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है। लेकिन अब एटीवीएम फैसिलिटेटर्स की तैनाती से यात्रियों को त्वरित और सुविधाजनक टिकटिंग सेवा मिल सकेगी। जो यात्री तकनीकी रूप से उतने साक्षर नहीं हैं और टच-स्क्रीन मशीन का उपयोग करने में झिझकते हैं, उन्हें ये फैसिलिटेटर्स बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के सेकंडों में टिकट निकालकर देंगे। आगरा मंडल की यह योजना निश्चित रूप से अन्य मंडलों के लिए भी एक अनुकरणीय और प्रेरणादायक मॉडल साबित होगी।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News

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