Reported by: Taj News Bureau | Edited by: Pawan Singh | tajnews.in | 15 March 2026, 09:20 PM IST
आगरा (Agra): दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताज का दीदार करने आए सैलानियों की जान उस वक्त सांसत में आ गई, जब ताजमहल में मधुमक्खियों का हमला हो गया। रविवार को परिसर में अचानक मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने पर्यटकों को अपना निशाना बना लिया। बताया जा रहा है कि एक पेड़ पर लगा छत्ता टूटने (या झुंड के उड़ने) के कारण यह स्थिति पैदा हुई। मधुमक्खियों को अपनी ओर आता देख वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और परिसर में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए।
ताजमहल में मधुमक्खियों का हमला: खुद को बचाने के लिए रुमाल और दुपट्टे से ढका चेहरा
मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए परिसर से बाहर भागते परेशान पर्यटक।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही मधुमक्खियां उड़ीं, पर्यटक दहशत में आ गए। कई लोग जमीन पर लेट गए तो कई अपने रुमाल, दुपट्टे और कपड़ों से चेहरा व शरीर ढकते हुए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत यह रही कि इस बड़े हमले में किसी के भी गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। लेकिन इस अचानक हुई घटना से पर्यटकों में लंबे समय तक दहशत का माहौल बना रहा।
📌 यह भी पढ़ें
- 👉 जयपुर हाईवे पर रफ्तार का कहर: बेकाबू ट्रेलर ने 16 वर्षीय किशोरी को रौंदा, बहन ने भागकर बचाई जान
- 👉 आगरा विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार: आरटीआई में जानकारी छिपाने का आरोप, हिमांक अरोरा करेंगे प्रथम अपील
- 👉 मथुरा में महिला श्रद्धालु से अभद्रता: बांकेबिहारी मंदिर के बाहर यूट्यूबर ने दी धमकी, FIR दर्ज
- 👉 ताज के आसपास कचरे का ढेर: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सड़क से घरों तक फैली गंदगी
- 👉 लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा: टैंकर से टकराकर पलटी स्लीपर बस, 20 यात्री घायल
एएसआई (ASI) की सफाई: पेड़ से नहीं टूटा कोई छत्ता, तेज हवा से उड़ा था झुंड
मधुमक्खियों के हमले के दौरान किसी पर्यटक द्वारा बनाया गया वीडियो का दृश्य।
इस पूरे घटनाक्रम पर एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) का बयान भी सामने आया है। ताजमहल के सीनियर कंजर्वेशन असिस्टेंट प्रिंस वाजपेई ने स्पष्ट किया कि पेड़ से कोई स्थायी छत्ता नहीं टूटा था। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम को मधुमक्खियों का एक झुंड वहां आकर बैठा था, जो रविवार सुबह तेज हवा चलने के कारण अचानक उड़ गया और पर्यटकों की तरफ चला गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एहतियात के तौर पर तुरंत ताजमहल में प्रवेश को करीब आधे घंटे के लिए रोक दिया गया। पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद कर्मचारियों ने मधुमक्खियों के झुंड को वहां से हटाया, जिसके बाद ही एंट्री दोबारा शुरू की गई।
हर शुक्रवार को हटाए जाते हैं छत्ते, पिछले साल भी 15 मार्च को हुई थी ऐसी घटना
मधुमक्खियों से बचाव के लिए कपड़ों और रुमाल से अपना बचाव करते लोग।
अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि एएसआई (ASI) द्वारा ताजमहल परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर हर शुक्रवार को मधुमक्खियों के छत्ते हटाने का अभियान चलाया जाता है। इस शुक्रवार को भी 3 से 4 छत्ते हटाए गए थे। आपको बता दें कि ताज परिसर में यह कोई पहली घटना नहीं है। संयोग देखिए कि ठीक एक साल पहले, 15 मार्च 2025 को भी रॉयल गेट के पास ऐसा ही मामला सामने आया था। उस वक्त भी ताजमहल में मधुमक्खियों का हमला होने से पर्यटकों में भारी भगदड़ मच गई थी और कुछ लोगों को मधुमक्खियों ने काट भी लिया था। फिलहाल परिसर में स्थिति सामान्य है और सैलानी आराम से ताज का दीदार कर रहे हैं।
Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
अपनी खबर सीधे WhatsApp पर भेजें:
7579990777









