Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 22 Feb 2026, 06:10 pm IST
Taj News National Desk
स्पेशल क्राइम एंड नेशनल सिक्योरिटी रिपोर्ट
नई दिल्ली (New Delhi): राजधानी दिल्ली की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए संदिग्धों की तस्वीरें (Photos of Suspects) जारी कर दी हैं। खुफिया एजेंसियों के हाई अलर्ट के बाद पुलिस ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विभिन्न इलाकों से अब तक कुल 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और बांग्लादेश स्थित आतंकवादी संगठनों के साथ मिलकर भारत को दहलाने की बड़ी साजिश (Terror Plot) रच रहे थे। इन गिरफ्तारियों के साथ ही पुलिस ने दिल्ली में संभावित हमलों के एक बड़े खतरे को टाल दिया है।
- तस्वीरें जारी: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बंगाल और तमिलनाडु से गिरफ्तार 8 संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं।
- ISI कनेक्शन: आरोपियों का सीधा संपर्क आईएसआई और बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से पाया गया है।
- दिल्ली में रेकी: संदिग्धों ने दिल्ली के लाल किला और प्रमुख मंदिरों की रेकी की थी और ‘फ्री कश्मीर’ के पोस्टर भी लगाए थे।
- फर्जी आधार कार्ड: सभी आरोपी गारमेंट फैक्ट्री में अपनी पहचान छिपाकर काम कर रहे थे और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे।
संदिग्धों की तस्वीरें और गिरफ्तारी का पूरा ब्योरा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी प्रमोद कुमार कुशवाहा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि इस आतंकी मॉड्यूल में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 7 आरोपी बांग्लादेशी नागरिक (Bangladeshi Citizens) हैं। पुलिस ने इन संदिग्धों की तस्वीरें (Photos of Suspects) जारी कर लोगों को सचेत किया है। आरोपियों की पहचान उमर फारूक, रोबिल उल इस्लाम, मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबात, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल के रूप में हुई है। उमर फारूक मालदा (पश्चिम बंगाल) का रहने वाला है, जबकि रोबिल उल इस्लाम बांग्लादेश का निवासी है।
पुराना आतंकी हैंडल कर रहा था पूरा मॉड्यूल (The Mastermind Behind)
जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरे मॉड्यूल को शब्बीर अहमद लोन नाम का एक दुर्दांत आतंकवादी हैंडल कर रहा था। शब्बीर अहमद लोन वर्ष 2007 के दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल केस का दोषी है, जिसे उस समय भारी मात्रा में हथियारों (AK-47 और हैंड ग्रेनेड) के साथ गिरफ्तार किया गया था। अपनी सजा पूरी करने के बाद वह वर्ष 2018-19 के दौरान अवैध तरीके से बांग्लादेश भाग गया था और वहां से उसने अपना नया टेरर मॉड्यूल (Terror Module) सक्रिय कर दिया। उसने उमर फारूक को बांग्लादेश बुलाकर ट्रेनिंग दी और उसे भारत के संवेदनशील ठिकानों की रेकी (Reconnaissance) करने और विवादित पोस्टर लगाने का काम सौंपा था।
पुलिस के अनुसार, इन संदिग्धों का मुख्य काम दिल्ली में छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाने (Safe House) तैयार करना और आने वाले अन्य आतंकियों के लिए रसद और रसद की व्यवस्था करना था। इन्होंने तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले की एक गारमेंट फैक्ट्री में फर्जी पहचान के साथ शरण ले रखी थी।
दिल्ली में ‘फ्री कश्मीर’ पोस्टर और रेकी की साजिश
स्पेशल सेल की जांच में सामने आया है कि 7 फरवरी को कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन और आसपास के इलाकों में जो ‘फ्री कश्मीर’ (Free Kashmir) और देश विरोधी पोस्टर लगाए गए थे, उनके पीछे इसी मॉड्यूल का हाथ था। चार संदिग्धों का एक समूह विशेष रूप से ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान दिल्ली आया था ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुँचाया जा सके। इन संदिग्धों ने लाल किला (Red Fort) और उत्तर भारत के कई बड़े मंदिरों की रेकी भी की थी। खुफिया एजेंसियों ने पहले ही अलर्ट जारी किया था कि लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) लाल किले के पास धमाके की योजना बना रहा है।
फर्जी दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने संदिग्धों के पास से 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए हैं। ये सभी आरोपी सोशल मीडिया के जरिए सीमा पार बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे। ये अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड (Fake Aadhaar Card) का इस्तेमाल कर रहे थे। बरामद किए गए फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि उनके कम्युनिकेशन रिकॉर्ड (Communication Records) और बड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके। दिल्ली पुलिस अब इन आरोपियों से इस बारे में कड़ी पूछताछ कर रही है कि उनके अगले निशाने पर कौन-कौन से शहर और मंदिर थे।
Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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