Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 22 Feb 2026, 04:41 pm IST
Taj News National Desk
स्पेशल नेशनल सिक्योरिटी कवरेज
नई दिल्ली (New Delhi): भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने देश को दहलाने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश (Terror Conspiracy) का भंडाफोड़ किया है। खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) द्वारा जारी किए गए हाई अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से कुल 8 संदिग्धों के नाम (Names of Suspects) सार्वजनिक करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। जांच में इन संदिग्धों का सीधा कनेक्शन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठनों (Terror Organizations) से सामने आया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये संदिग्ध भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने की फिराक में थे।
- आतंकी मॉड्यूल का खुलासा: दिल्ली पुलिस ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से अब तक कुल 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
- ISI-बांग्लादेश कनेक्शन: गिरफ्तार किए गए संदिग्धों का संबंध सीधे तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स और बांग्लादेशी आतंकी गुटों से पाया गया है।
- संदिग्धों की पहचान: पुलिस ने संदिग्धों के नाम जारी किए हैं, जिनमें मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबत, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल शामिल हैं।
- सुरक्षा अलर्ट: लश्कर-ए-तैयबा की साजिश के इनपुट के बाद लाल किले और प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई गई।
संदिग्धों के नाम और गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से खास इनपुट मिले थे कि देश के विभिन्न हिस्सों में कट्टरपंथी मॉड्यूल (Radicalized Module) सक्रिय हैं। इसी इंटेलिजेंस इनपुट (Intelligence Input) के आधार पर तमिलनाडु में व्यापक छापेमारी की गई। पुलिस ने तमिलनाडु के उथुकुली से 2, पल्लादम से 3 और तिरुमुरुगनपूंडी इलाके से एक संदिग्ध को दबोचा। इससे पहले दो संदिग्धों की गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल से की गई थी। पुलिस द्वारा जारी किए गए संदिग्धों के नाम (Names of Suspects) इस प्रकार हैं: मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबत, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल। इन सभी से फिलहाल अज्ञात स्थानों पर पूछताछ (Interrogation) की जा रही है।
पहचान छिपाकर गारमेंट इंडस्ट्री में घुसे संदिग्ध (Identification Concealed)
पुलिस की शुरुआती जांच (Initial Investigation) में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ये संदिग्ध पिछले काफी समय से भारत में अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहे थे। इन्होंने फर्जी दस्तावेजों के सहारे नकली आधार कार्ड (Fake Aadhaar Card) बनवाए और खुद को मजदूर बताकर तमिलनाडु की गारमेंट इंडस्ट्री (Garment Industry) में काम करने लगे। इसी की आड़ में ये संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के लिए रेकी कर रहे थे और सीमा पार बैठे अपने आकाओं के साथ संपर्क में थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन संदिग्धों ने दिल्ली समेत कई बड़े शहरों के प्रमुख स्थलों की रैकी की थी। इतना ही नहीं, दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में ‘फ्री कश्मीर’ (Free Kashmir) के विवादित पोस्टर लगाने में भी इनका हाथ होने का संदेह है। इनके पास से दर्जनों मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए हैं, जिन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
ISI और लश्कर-ए-तैयबा की खौफनाक साजिश (ISI and Lashkar-e-Taiba Plot)
खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में अलर्ट जारी किया था कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) ने भारत के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के लिए एक नया मॉड्यूल तैयार किया है। इसी खतरे को देखते हुए शनिवार को दिल्ली के लाल किले (Red Fort) के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई थी। गिरफ्तार किए गए संदिग्ध सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी कंटेंट (Provocative Content) फैला रहे थे और सीमा पार काम कर रहे संदिग्ध हैंडलर्स के साथ लगातार बातचीत कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन से बैन किए गए आतंकी संगठनों को सपोर्ट करने वाले वीडियो और मैसेज मिले हैं। यह पूरा नेटवर्क (Network) डिजिटल तौर पर बहुत सक्रिय था और नए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम कर रहा था। कम्युनिकेशन रिकॉर्ड (Communication Records) का विश्लेषण करने के बाद इस मॉड्यूल के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस आतंकी मॉड्यूल के तार केवल तमिलनाडु और बंगाल तक ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों तक भी फैले हो सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का ‘जीरो टॉलरेंस’ एक्शन
इस बड़े आतंकी मॉड्यूल (Terror Module) के पकड़े जाने के बाद अब दिल्ली समेत पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, दिल्ली और तमिलनाडु के प्रमुख शहरों में निगरानी (Surveillance) बढ़ा दी गई है। गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सरकार आतंकियों और उनके मददगारों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं क्योंकि पुलिस इन संदिग्धों के मोबाइल डेटा और क्लाउड स्टोरेज (Cloud Storage) की जांच कर रही है।
Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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