Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in I 20 Feb 2026, 7:50 pm IST
आगरा: भारतीय रेलवे (Indian Railways) अपनी सेवाओं को हाई-टेक और यात्री-केंद्रित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में ‘रेल मदद’ (Rail Madad) ऐप यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के आगरा मंडल ने यात्री सुविधाओं और शिकायतों के निवारण में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आगरा मंडल रेल प्रबंधक (DRM) गगन गोयल के कुशल निर्देशन में, रेलवे ने जनवरी 2026 में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण बिजली की गति से किया है। आंकड़ों के मुताबिक, आगरा मंडल ने पिछले महीने ‘रेल मदद’ ऐप पर आईं 1330 शिकायतों का औसतन महज 19 मिनट के भीतर समाधान कर यात्रियों को राहत पहुंचाई है।

19 मिनट में समस्या ‘छूमंतर’, DRM गगन गोयल की निगरानी का असर ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को अक्सर साफ-सफाई, पानी या कोच में बिजली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पहले इन शिकायतों के निवारण में घंटों लग जाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। आगरा रेल मंडल में DRM गगन गोयल के नेतृत्व में ‘रेल मदद’ ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
जनवरी 2026 के आंकड़े बताते हैं कि आगरा मंडल के कंट्रोल रूम और संबंधित विभागों ने गजब की तत्परता दिखाई है। कुल 1330 शिकायतें दर्ज की गईं और उनका औसत निस्तारण समय (Average Resolution Time) केवल 19 मिनट रिकॉर्ड किया गया। यानी यात्री के शिकायत दर्ज करने के 20 मिनट के अंदर रेलवे की टीम ने सीट पर पहुंचकर समस्या का समाधान कर दिया।
दवा से लेकर बच्चों के दूध तक, हर मदद एक क्लिक पर ‘रेल मदद’ ऐप अब केवल तकनीकी शिकायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय सहायता का भी एक बड़ा जरिया बन गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सफर के दौरान यात्री इस ऐप के जरिए कई तरह की आपातकालीन मदद मांग सकते हैं:
- मेडिकल इमरजेंसी: अगर किसी यात्री की तबीयत बिगड़ जाए, तो डॉक्टर और दवा का इंतजाम।
- बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल: छोटे बच्चे के लिए दूध की जरूरत हो या बुजुर्ग यात्रियों के लिए दवा की।
- सीट की समस्या: अगर किसी बुजुर्ग या बीमार यात्री को ऊपरी बर्थ (Upper Berth) मिल गई है, तो उसे नीचे की बर्थ (Lower Berth) दिलाने में मदद।
- साफ-सफाई और सुविधाएं: कोच में गंदगी, पानी की कमी या चार्जिंग प्वाइंट खराब होने की शिकायत।

कैसे काम करता है सिस्टम? फीडबैक से तय होती है जवाबदेही रेलवे का उद्देश्य शिकायतों का केवल निस्तारण करना नहीं, बल्कि ‘तत्काल’ निवारण करना है। यात्री को ऐप पर अपनी पीएनआर (PNR) डिटेल्स के साथ शिकायत दर्ज करनी होती है। इसके लिए घटना की तारीख, मोबाइल नंबर और समस्या का विवरण देना होता है।
जैसे ही शिकायत दर्ज होती है, रेलवे का सिस्टम एक्टिव हो जाता है और ट्रेन में मौजूद स्टाफ को अलर्ट चला जाता है। खास बात यह है कि समस्या सुलझाने के बाद रेलवे स्टाफ यात्री से ‘फीडबैक’ (Feedback) भी लेता है। अगर यात्री समाधान से संतुष्ट नहीं है या तय समय सीमा में काम नहीं हुआ, तो वह शिकायत अपने आप उच्च अधिकारियों तक एस्केलेट (Escalate) हो जाती है, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही तय होती है।
#RailMadad #AgraDivision #IndianRailways #PassengerSafety #DRMAgra #GaganGoyal #TajNews #AgraNews
Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
ताज महोत्सव 2026: टाटा ग्राउंड में संपन्न हुआ कवि सम्मेलन, लेकिन ‘मुशायरा’ न होने की टीस बरकरार; सोशल मीडिया पर फूटा उर्दू प्रेमियों का दर्द
आगरा फोर्ट स्टेशन पर बड़ा हादसा टला: 2020 में बने नवनिर्मित TTE विश्राम गृह की गिरी सीलिंग, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
अपनी खबर सीधे WhatsApp पर भेजें:
7579990777










1 thought on “आगरा रेल मंडल में यात्रियों के लिए ‘वरदान’ साबित हो रहा ‘रेल मदद’ ऐप, जनवरी में 1330 शिकायतों का महज 19 मिनट में हुआ निस्तारण”