Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in I 19 Feb 2026, 4:15 pm IST
आगरा: आज के इस भौतिकवादी और भागदौड़ भरे युग में, जहां अक्सर धोखाधड़ी और बेईमानी की खबरें सुर्खियां बनती हैं, वहीं समाज में कुछ ऐसे भी लोग मौजूद हैं जो अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से इंसानियत पर हमारा भरोसा कायम रखते हैं। सरकारी विभागों, विशेषकर भारतीय रेलवे (Indian Railways) में काम करने वाले कई कर्मचारी अक्सर अपनी ड्यूटी से आगे बढ़कर यात्रियों की मदद करते हैं और समाज के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करते हैं। ऐसी ही ईमानदारी और उच्च मानवीय मूल्यों की एक दिल छू लेने वाली और प्रेरणादायक घटना आगरा रेलवे मंडल (Agra Railway Division) से सामने आई है। यहाँ मुख्यालय आगरा कैंट (Agra Cantt) पर तैनात एक टीटीआई (TTI – Travelling Ticket Inspector) ने एक यात्री की खोई हुई सोने की कीमती अंगूठी को न केवल सुरक्षित रखा, बल्कि पूरी सत्यनिष्ठा के साथ उसे उसके असली हकदार तक वापस भी पहुँचाया।

ट्रेन संख्या 12189 में छूटी थी कीमती अंगूठी प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बुधवार, 18 फरवरी 2026 की है। ट्रेन संख्या 12189 (जबलपुर – हज़रत निज़ामुद्दीन महाकौशल एक्सप्रेस) अपने निर्धारित मार्ग पर दौड़ रही थी। इस ट्रेन के प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच (First Class AC Coach) H/1 के ‘A’ केबिन में एक यात्री जबलपुर से आगरा कैंट तक की यात्रा कर रहे थे। सफर की थकान या जल्दबाजी के कारण, जब यात्री अपनी मंजिल पर उतरने की तैयारी कर रहे थे, तो भूलवश उनकी सोने की कीमती अंगूठी उसी केबिन में छूट गई।
आमतौर पर लंबी दूरी की ट्रेनों में जब कोई कीमती सामान, नकद, आभूषण या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट छूट जाता है, तो उसके वापस मिलने की उम्मीद बहुत कम होती है, क्योंकि कोच में कई अन्य यात्री और बाहरी लोग भी आते-जाते रहते हैं। सोने जैसी मूल्यवान धातु की अंगूठी का खोना किसी भी व्यक्ति के लिए न केवल आर्थिक नुकसान है, बल्कि इसके साथ अक्सर गहरी भावनात्मक यादें भी जुड़ी होती हैं। यात्री को जब अपनी इस मूल्यवान अंगूठी के खोने का अहसास हुआ, तो उनकी घबराहट और परेशानी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
टीटीआई राम कुमार यादव बने ‘रियल हीरो’ लेकिन इस यात्री की किस्मत अच्छी थी कि उस कोच की जिम्मेदारी एक बेहद ईमानदार और सजग रेलकर्मी के हाथों में थी। ड्यूटी पर तैनात टीटीआई (TTI) श्री राम कुमार यादव, जो मुख्यालय आगरा कैंट से संबद्ध हैं, अपनी रूटीन चेकिंग और यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए कोच का मुआयना कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर H/1 कोच के A केबिन में छूटी हुई उस सोने की अंगूठी पर पड़ी।
स्वर्ण आभूषण देखते ही किसी के भी मन में लालच आ सकता था, लेकिन श्री राम कुमार यादव ने अपनी वर्दी की गरिमा और रेलवे के प्रति अपनी निष्ठा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए पूरी सतर्कता, सजगता और ईमानदारी का परिचय देते हुए उस अंगूठी को तुरंत अपने सुरक्षित कब्जे में ले लिया, ताकि कोई अन्य असामाजिक तत्व या सहयात्री उसे चुरा न ले। उन्होंने इस घटना की जानकारी तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित रेलवे स्टाफ के संज्ञान में भी डाल दी, ताकि यदि कोई यात्री इसके बारे में पूछताछ करे तो उसे सही जानकारी मिल सके।
सत्यापन के बाद यात्री को सुरक्षित लौटाई गई अमानत दूसरी तरफ, जबलपुर से आगरा कैंट तक की यात्रा करने वाले संबंधित यात्री ने जब अपना सामान चेक किया तो अंगूठी न पाकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत रेलवे के ऑनबोर्ड स्टाफ और अधिकारियों से संपर्क साधा। जब यात्री ने टीटीआई श्री राम कुमार यादव से अपनी खोई हुई अंगूठी के बारे में पूछताछ की, तो यादव जी ने अत्यंत पेशेवर और संवेदनशील रवैया अपनाया।
चूंकि यह एक मूल्यवान आभूषण का मामला था, इसलिए बिना पुख्ता पहचान के इसे किसी को भी सौंपना जोखिम भरा हो सकता था। टीटीआई राम कुमार यादव ने रेलवे के तय प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यात्री से उस अंगूठी की पहचान, डिजाइन, वजन और यात्रा के विवरण से संबंधित कुछ आवश्यक सवाल पूछे। जब यात्री ने सभी सवालों के सही जवाब दिए और पूरी तरह से सत्यापन (Verification) हो गया कि यह अंगूठी उन्हीं की है, तब श्री यादव ने अत्यंत सम्मान के साथ वह सोने की अंगूठी उस यात्री के सुपुर्द कर दी।
यात्री ने की भूरि-भूरि प्रशंसा, रेलवे का बढ़ा मान अपनी खोई हुई और कीमती सोने की अंगूठी को सही-सलामत वापस पाकर यात्री की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने शायद ही यह उम्मीद की होगी कि सफर में गुम हुआ सोना उन्हें वापस मिल जाएगा। अभिभूत और भावुक यात्री ने टीटीआई श्री राम कुमार यादव की इस अभूतपूर्व ईमानदारी, उनके उत्कृष्ट कर्तव्यबोध और यात्रियों के प्रति उनके अत्यंत संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
यात्री ने कहा कि श्री राम कुमार यादव जैसे कर्मचारियों की वजह से ही आम जनता का भारतीय रेलवे पर भरोसा और भी गहरा होता है। यह घटना दर्शाती है कि रेलवे का स्टाफ न केवल टिकट चेक करने का काम करता है, बल्कि वह यात्रियों की संपत्ति और उनकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखता है। आगरा रेलवे मंडल के आला अधिकारियों ने भी श्री राम कुमार यादव के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा की है। ऐसे कृत्य न केवल एक व्यक्ति के चरित्र को दर्शाते हैं, बल्कि पूरे रेलवे विभाग की छवि को उज्ज्वल बनाते हैं।
रेलवे प्रशासन की यात्रियों से महत्वपूर्ण अपील इस सकारात्मक और सुखद घटना के सामने आने के बाद, रेलवे प्रशासन ने इसे एक अवसर मानते हुए सभी रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी और अपील भी जारी की है।
रेलवे अधिकारियों ने अपील करते हुए कहा है कि:
- सामान की सुरक्षा: यात्री यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान, आभूषण, नकद और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा के प्रति स्वयं भी पूरी तरह सतर्क रहें। ट्रेन से उतरते समय अपनी बर्थ और केबिन को अच्छी तरह से चेक कर लें।
- तत्काल सूचना दें: यदि दुर्भाग्यवश यात्रा के दौरान किसी यात्री की कोई कीमती वस्तु, लगेज या अन्य सामान कोच में छूट जाए अथवा खो जाए, तो घबराने के बजाय तत्काल ट्रेन में मौजूद ऑनबोर्ड रेलवे स्टाफ (TTE, कोच अटेंडेंट, RPF या GRP एस्कॉर्टिंग स्टाफ) से संपर्क करें।
- हेल्पलाइन का उपयोग: इसके अलावा यात्री भारतीय रेलवे के एकीकृत और 24×7 चालू रहने वाले राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर ‘RailMadad 139’ पर भी तुरंत कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, ताकि अगले स्टेशन पर समय रहते आवश्यक सहायता और रिकवरी की जा सके।
टीटीआई राम कुमार यादव की यह कहानी आज के दौर में एक सच्ची प्रेरणा है। यह हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, ईमानदारी का रास्ता हमेशा सबसे ऊंचा और सुकून देने वाला होता है। ताज न्यूज़ ऐसे कर्तव्यनिष्ठ रेल कर्मचारियों को सलाम करता है।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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