
Religion Desk, Taj News | Updated: Fri, 13 Feb 2026 07:15 AM IST
वाराणसी (काशी): महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के पावन पर्व से पहले बाबा की नगरी काशी शिवमय हो गई है। आज (शुक्रवार) से शिव विवाह की रस्में औपचारिक रूप से शुरू हो रही हैं। काशीपुराधीश्वर बाबा विश्वनाथ के भाल पर आज शगुन की हल्दी सजेगी। इसके लिए नासिक से विशेष हल्दी मंगाई गई है। पूरा शहर ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष और विवाह के मंगलगानों से गूंज रहा है।
🕉️ धर्म डेस्क
(रिपोर्ट: RanJit Singh, Agra)
🪔 काशी का उत्सव (Key Highlights)
- 🌼 नासिक की हल्दी: बाबा के शगुन के लिए सिद्धपीठ बड़ी शीतला माता मंदिर की ओर से नासिक से मंगाई गई खास हल्दी।
- 🥁 शोभायात्रा: बांसफाटक से टेढ़ीनीम तक गाजे-बाजे के साथ निकलेगी बाबा की हल्दी यात्रा।
- 🎶 सांस्कृतिक संध्या: मेहंदी की रस्म के साथ होगी भजन संध्या और नृत्यांजलि।

बांसफाटक से टेढ़ीनीम तक निकलेगी यात्रा
बांसफाटक स्थित शिव प्रसाद पांडेय लिंगिया महाराज के आवास ‘श्रीयंत्र पीठम्’ से आज गाजे-बाजे के साथ हल्दी की पारंपरिक यात्रा शुरू होगी। यह यात्रा टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास तक जाएगी। वहां बाबा विश्वनाथ की पंचबदन चल प्रतिमा पर विधिवत हल्दी अर्पित की जाएगी। इस उत्सव में बाबा के ससुराल सारंगनाथ और त्र्यंबकेश्वर के भक्तों के साथ-साथ पूरी काशी उमड़ पड़ेगी।
नासिक से आई है विशेष हल्दी
शीतला मंदिर के उपमहंत अवशेष पांडेय (कल्लू महाराज) ने बताया कि काशी की प्राचीन लोक परंपरा के अनुसार, शिव विवाह से पहले बाबा को शगुन की हल्दी चढ़ाई जाती है। इस बार सिद्धपीठ बड़ी शीतला माता मंदिर के महंत परिवार की ओर से विशेष रूप से नासिक से हल्दी मंगाई गई है। हल्दी और अन्य चढ़ावा पहले ही श्रीयंत्र पीठम् पहुंच चुका है।
ससुराल ‘सारंगनाथ’ से आएगा तिलक
बाबा विश्वनाथ की ससुराल यानी सारंगनाथ से भी आज हल्दी और तिलक की सामग्री के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। सारंगनाथ मंदिर में पूजन के बाद भक्त माता गौरा के गण (तिलहरू) के रूप में तिलक चढ़ाने के लिए प्रस्थान करेंगे। पंडा अखाड़ा बांसफाटक से श्रीमहंत लिंगिया महाराज के नेतृत्व में काशीवासी हल्दी की रस्म में शामिल होंगे।
शृंगार, भजन और नृत्यांजलि
हल्दी चढ़ाने से पहले 11 वैदिक ब्राह्मण बाबा विश्वनाथ की पंचबदन प्रतिमा का पूजन और मंत्रोच्चार के साथ शृंगार करेंगे। बाबा की दूल्हे के रूप में अलौकिक छवि भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देगी। शिवांजलि के संयोजक संजीव रत्न मिश्र ने बताया कि भजन संध्या में पागल बाबा के भजनों के अलावा अदिति शर्मा और सिद्धि कौस्तुभ द्वारा नृत्यांजलि प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद 14 फरवरी को मेहंदी की रस्म और महाशिवरात्रि पर विवाह संपन्न होगा।
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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय आयोजनों पर आधारित है।)
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