Yamuna Aviral Nirmal Padyatra Agra Jal Saheli Dr Sanjay Singh

City Desk, Taj News Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Wed, 11 Feb 2026 02:45 PM IST

Yamuna Aviral Nirmal Padyatra Agra Jal Saheli Dr Sanjay Singh

आगरा: “जिस यमुना के किनारे दुनिया का अजूबा ताजमहल खड़ा है, आज वही यमुना अपनी अंतिम सांसें गिन रही है।” यह दर्द भरा बयान उस समय सामने आया जब बुंदेलखंड से शुरू हुई ‘यमुना अविरल-निर्मल पदयात्रा’ ताजनगरी आगरा पहुंची।

जल सहेली संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा कुशवाहा और ‘बुंदेलखंड के जलपुरुष’ डॉ. संजय सिंह के नेतृत्व में यह यात्रा पचनद से दिल्ली के बसुदेव घाट की ओर बढ़ रही है। आगरा के हाथी घाट पर जल सहेलियों ने एक सुर में कहा कि अब यमुना को बचाने के लिए सिर्फ नीतियां (Policies) नहीं, बल्कि सख्त कानून (Act) की जरूरत है।

Brief Highlights

  • चेतावनी: जल सहेली पुष्पा कुशवाहा बोलीं- “यमुना ICU में है, निजी स्वार्थ छोड़कर आगे आना होगा।”
  • बड़ी मांग: नदियों के लिए नीतियां बहुत बनीं, अब वास्तविक संरक्षण के लिए ‘एक्ट’ (Act) बनना चाहिए।
  • नेतृत्व: डॉ. संजय सिंह (जलपुरुष) बोले- यमुना केवल जलधारा नहीं, हमारी संस्कृति और आस्था है।
  • महाआरती: हाथी घाट पर भव्य यमुना आरती, सैकड़ों लोगों ने ली नदी बचाने की शपथ।

“यमुना ICU में है, आगरा वासियों को जागना होगा”

जल सहेली संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा कुशवाहा ने यमुना की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यमुना की दुर्दशा देखकर हम सभी जल सहेलियाँ बेहद दुखी हैं। आज यमुना ICU में पहुंच गई है। जिस तरह हम अपना घर-परिवार छोड़कर नदी बचाने के लिए पदयात्रा कर रही हैं, उसी तरह आगरा के लोगों को भी खड़े पानी, प्रदूषण और नदी की बिगड़ती हालत को सुधारने के लिए आगे आना होगा।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि यमुना के संरक्षण के लिए आगरा वासियों को अपनी निजी सुविधा और स्वार्थ छोड़ना होगा, तभी यह ऐतिहासिक नदी बच पाएगी।

नीतियां बहुत बनीं, अब कानून चाहिए

यात्रा के दौरान यह मांग प्रमुखता से उठी कि नदियों को बचाने के लिए केवल सरकारी नीतियां (Policies) काफी नहीं हैं। पुष्पा कुशवाहा ने कहा, “नदियों के लिए बहुत सी नीतियां बन चुकी हैं, लेकिन अब सख्त कानून (Act) बनने चाहिए, ताकि नदियों का वास्तविक संरक्षण सुनिश्चित हो सके और प्रदूषण फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।”

डॉ. संजय सिंह की अपील: समाज को लेनी होगी जिम्मेदारी

बुंदेलखंड के प्रख्यात जल-संरक्षक डॉ. संजय सिंह ने कहा कि यदि समाज स्वयं जिम्मेदारी नहीं लेगा, तो नदी को बचाना कठिन हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जल सहेली संगठन ने बुंदेलखंड के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में तालाब पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन का सफल मॉडल तैयार किया है। यही अनुभव अब यमुना संरक्षण अभियान में भी लगाया जा रहा है।

हाथी घाट पर भव्य आरती और संकल्प

पदयात्रा के आगरा पड़ाव पर हाथी घाट पर भव्य यमुना आरती का आयोजन किया गया। दीप प्रज्ज्वलित कर यमुना मैया का पूजन किया गया और अविरल-निर्मल यमुना का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर पंडित अश्वनी मिश्रा, डॉ. धीरज मोहन सिंघल, सुधीर पचौरी, अशोक अग्रवाल, नमामि गंगे के DPO शुभम सक्सेना सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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