आगरा। अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने वाली ‘सशक्त पीली सेना’ ने एक बार फिर इंसाफ़ की लड़ाई में एक गरीब परिवार का सहारा बनकर मिसाल पेश की। दबंग ठेकेदारों के अत्याचार और पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ पीली सेना की अध्यक्ष शबाना खंडेलवाल अपनी टीम के साथ कलेक्ट्रेट स्थित डीसीपी सिटी कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने पीड़ित महिला सलमा के लिए न्याय की मांग की।
दर्दनाक कहानी: सलमा ने कैसे खोया अपना सबकुछ?
पीड़िता सलमा की आपबीती सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। उसने बताया कि कुछ दबंग ठेकेदारों ने उसके पति को बेरहमी से पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। जब वह घायल अवस्था में थाना एतमाद्दौला पहुंचा, तो उसने इंसाफ़ की उम्मीद में अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन पुलिस ने इस मामले को हल्के में लिया। कुछ ही दिनों में चोट के कारण उसके शरीर में ज़हर फैल गया और उसकी मौत हो गई।
अत्याचार का सिलसिला जारी: अब बेटे को बनाया निशाना
सलमा के लिए दुखों का पहाड़ यहीं खत्म नहीं हुआ। उसके पति की मृत्यु के बाद भी दबंगों की दरिंदगी जारी रही। उन्होंने उसके छोटे बेटे को बेरहमी से पीटा और जब वह न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंचा, तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उसे डांटकर भगा दिया। हद तो तब हो गई जब सलमा के भाई पर झूठा मुकदमा दर्ज कर उसे जेल में डाल दिया गया।
पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
सलमा ने आरोप लगाया कि थाना रामबाग पुलिस चौकी के इंचार्ज इस केस में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस अधिकारी दबंग ठेकेदारों के पक्ष में काम कर रहे हैं और सलमा के परिवार को न्याय से वंचित किया जा रहा है।
जब न्याय के लिए आगे आईं शबाना खंडेलवाल

जब इस घटना की जानकारी पीली सेना की अध्यक्ष शबाना खंडेलवाल को मिली, तो वे अपनी पूरी टीम के साथ डीसीपी सिटी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने प्रशासन पर सवाल खड़े किए और मांग की कि सलमा और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच हो।
डीसीपी का बड़ा आश्वासन
डीसीपी सिटी ने इस गंभीर मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एसीपी छत्ता को इस पूरे प्रकरण की जांच सौंप दी जाएगी और वर्तमान एसआई को हटाकर किसी अन्य अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि मामले की गहनता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंसाफ़ के लिए अडिग पीली सेना
पीली सेना की अध्यक्ष शबाना खंडेलवाल ने कहा,
“हम किसी भी गरीब, असहाय महिला के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। अगर प्रशासन चुप बैठा रहेगा, तो हम सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेंगे। जब तक सलमा और उसके परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।”
आगे क्या?
अब देखने वाली बात यह होगी कि डीसीपी द्वारा किए गए आश्वासन पर कितनी जल्दी और कितनी सख्त कार्रवाई होती है। क्या सलमा को इंसाफ मिलेगा? क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
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