
City & Environment Desk, Taj News Reported by: Abhimanyu Singh | Updated: Fri, 13 Feb 2026 09:50 PM IST
आगरा (Agra): माँ यमुना की अविरलता और निर्मलता का दृढ़ संकल्प लेकर बुंदेलखंड के पचनद से शुरू हुई “यमुना संवाद पदयात्रा” आगरा के ऐतिहासिक हाथीघाट पहुंच गई है। गुरु वशिष्ठ मानव सर्वांगीण विकास सेवा समिति और यमुना सत्याग्रही पं. अश्विनी कुमार मिश्र के नेतृत्व में ‘जल सहेलियों’ और पदयात्रियों का आगरा में अंगवस्त्र भेंटकर भव्य स्वागत व सम्मान किया गया।

Abhimanyu Singh
City & Environment Reporter, Taj News
🌊 यमुना संवाद पदयात्रा: मुख्य बातें
- 🚶♀️ मार्ग: पचनद से शुरू होकर यह यात्रा दिल्ली के वासुदेव घाट तक जाएगी।
- 🪔 आयोजन: हाथीघाट पर पंच दीप प्रज्ज्वलन, स्वागत गान, यमुना महा-आरती और दीपदान।
- 🗣️ संदेश: “यमुना सिर्फ जलधारा नहीं, हमारी संस्कृति और जीवन का आधार है।”
हाथीघाट पर गूंजा निर्मल यमुना का जयघोष
आगरा के यमुनांचल मुक्ताकाशी यमुना आरती स्थल (हाथीघाट) पर ससम्मान लाए गए पद यात्रियों का स्वागत पंच दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। संस्था की सांस्कृतिक प्रभारी व अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच कलाकार श्रीमती अलका सिंह शर्मा के निर्देशन में छात्राओं ने स्वागत गान और मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। यह वही स्थल है जहां पं. अश्विनी कुमार मिश्र के साहचर्य में यमुना के प्राचीन गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए 2100 दिनों (छह साल) तक अनवरत यमुना सत्याग्रह चलाया गया था।
समाज को लेनी होगी ज़िम्मेदारी: डॉ. संजय सिंह
जल सहेली फाउंडेशन के संस्थापक और बुंदेलखंड के प्रख्यात जल-संरक्षक डॉ. संजय सिंह के नेतृत्व में यह यात्रा पचनद से दिल्ली के बसुदेव घाट तक का सफर तय कर रही है। डॉ. संजय सिंह ने आगरा वासियों को संबोधित करते हुए कहा, “यमुना केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार है। यदि समाज स्वयं ज़िम्मेदारी नहीं लेगा, तो नदी को बचाना कठिन हो जाएगा।”
‘यमुना की दुर्दशा देखकर दुखी हैं जल सहेलियां’
जल सहेली संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा कुशवाहा ने यमुना की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यमुना के कारण ही आगरा में ताजमहल बना है, लेकिन आज उसी यमुना की हालत बेहद खराब है। इसे बचाने के लिए हमें अपनी निजी सुविधाएं और स्वार्थ छोड़ने होंगे।” समापन से पहले माँ यमुना की भव्य महा-आरती और दीपदान किया गया, जिसमें अतिथियों, यमुना भक्तों और जल सहेलियों ने अनुशासन और श्रद्धा के साथ मैया की आराधना की।
नीर, नदी और नारी का हो सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर यमुना सत्याग्रही पं. अश्विनी कुमार मिश्र ने संकल्प दिलाया कि माँ यमुना तभी अविरल और अतिक्रमण मुक्त होगी, जब राज और समाज का संयुक्त प्रयास होगा तथा ‘नीर, नदी और नारी’ का सम्मान होगा।
इस अवसर पर यात्रा संयोजक मनीष राजपूत, मुख्य अतिथि महेश शर्मा (ए.पी.एस.), विशिष्ट अतिथि मुकेश शर्मा (मजिस्ट्रेट), जगमोहन गुप्ता, पार्षद अनुज शर्मा, पार्षद मधु माहोर, जेड.एस.ओ. अविनाश वर्मा, डॉ. धीरज मोहन सिंघल (सचिव), शिव नाथ शास्त्री, शुभम सक्सेना (DPO नमामि गंगे), सुधीर पचौरी, पी.के. गुप्ता, अशोक अग्रवाल, चंद्रशेखर शर्मा, प्रदीप पाठक सहित सैकड़ों यमुना भक्त व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जनसंवाद और जागरूकता जगाती हुई यह यात्रा अब दिल्ली की ओर प्रस्थान कर चुकी है।
📸 पदयात्रा और महा-आरती की भव्य झलकियाँ

(तस्वीरें: ताज न्यूज़ / कार्यक्रम आयोजक)
यह भी पढ़ें: आगरा (Agra) की संस्कृति और सामाजिक सरोकार से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
#AgraNews #YamunaSamvad #SaveYamuna #JalSaheli #Agra #Environment #TajNews #AbhimanyuSingh










