Agra News Desk, tajnews.in | 📍आगरा, उत्तर प्रदेश | Sunday, April 5, 2026, 06:40:55 AM IST

आगरा: आगरा और फिरोजाबाद की सीमा पर एक बहुत ही हैरान करने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, एक युवती ने पिता की मामूली डांट से नाराज होकर यमुना नदी की उफनती लहरों में अपनी मौत की छलांग लगा दी। दरअसल, इस खौफनाक कदम ने उसके पूरे परिवार को भारी दहशत में डाल दिया था। गौरतलब है कि, उसी रास्ते से गुजर रहे एक साहसी और जांबाज मजदूर ने बिल्कुल किसी देवदूत की तरह अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में कूदकर उस डूबती हुई युवती को बचा लिया। इसलिए, इस बहादुर मजदूर के अदम्य साहस की चर्चा अब पूरे जिले में बहुत ही तेजी से हो रही है। चूंकि अगर वह मजदूर सही समय पर अपना यह बड़ा कदम नहीं उठाता, तो युवती की जान जाना बिल्कुल तय था। नतीजतन, पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर इस पूरे मामले को अपने संज्ञान में ले लिया है और युवती को सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया है।
- यमुना में लगाई छलांग: पिता की मामूली डांट से नाराज होकर बाजिदपुर गांव की 20 वर्षीय खुशबू ने उफनती यमुना नदी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया।
- देवदूत बना जांबाज मजदूर: वहां से गुजर रहे रसूलाबाद निवासी सुखवीर नाम के मजदूर ने अपनी बाइक रोकी और तुरंत नदी में छलांग लगा दी।
- कड़ी मशक्कत से बची जान: सुखवीर ने पानी के तेज बहाव में अपनी जान की बाजी लगाते हुए डूबती युवती को सुरक्षित किनारे तक पहुंचा दिया।
- पुलिस और परिजनों की कार्रवाई: थाना नगला सिंघी और डौकी की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मानसिक रूप से कमजोर युवती को परिजनों के हवाले कर दिया।
पिता की मामूली डांट और घर से भागने का खौफनाक फैसला
यह पूरा खौफनाक मामला शनिवार की सुबह से ही शुरू हो गया था। मुख्य रूप से, आगरा के थाना डौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाजिदपुर गांव निवासी संजय सिंह का अपनी 20 वर्षीय बेटी खुशबू के साथ किसी बात को लेकर एक छोटा सा विवाद हो गया था। गौरतलब है कि, सुबह करीब 10 बजे संजय सिंह ने अपनी बेटी को गुस्से में थोड़ी डांट लगा दी थी। इसलिए, खुशबू ने इस डांट को अपने दिल पर बहुत गहराई से ले लिया।
चूंकि वह गुस्से से पूरी तरह आगबबूला हो गई थी, इसलिए उसने अपने परिवार वालों को आत्महत्या करने की एक बड़ी धमकी दे दी। नतीजतन, वह बदहवास हालत में अपने घर से तुरंत बाहर निकल गई। इसके परिणामस्वरूप, परिवार के सभी लोग बहुत बुरी तरह से घबरा गए और उन्होंने उसे गांव और आसपास के इलाकों में हर संभव जगह तलाशना शुरू कर दिया। हालांकि, कई घंटों की भारी मशक्कत के बावजूद परिवार वालों को उसका कोई भी सुराग बिल्कुल नहीं मिला।
यमुना पुल का खौफनाक मंजर और मौत की उफनती छलांग
परिवार वाले अभी उसे पागलों की तरह ढूंढ ही रहे थे कि खुशबू मीलों का लंबा सफर तय करके दूसरे क्षेत्र में पहुंच गई। दरअसल, दोपहर करीब तीन बजे वह भटकते हुए थाना नगला सिंघी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गार्डन स्थित यमुना पुल पर जा पहुंची। विशेष रूप से, उस समय यमुना नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था और लहरें बहुत ही तेजी से उफान मार रही थीं।
पुल के ऊपर से गुजर रहे अन्य लोग जब तक कुछ समझ पाते या उसे रोकने की कोशिश करते, उसने अपना बड़ा खौफनाक कदम उठा लिया। गौरतलब है कि, खुशबू ने पुल की ऊंची रेलिंग को पार किया और सीधे यमुना नदी की उन खतरनाक और तेज लहरों में अपनी छलांग लगा दी। इसके अलावा, पुल पर मौजूद लोगों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया, लेकिन पानी का बहाव इतना ज्यादा तेज था कि किसी की भी पानी में कूदने की हिम्मत बिल्कुल नहीं हुई।
यह भी पढ़ें (आगरा डेस्क की अन्य प्रमुख खबरें)
मजदूर सुखवीर का अदम्य साहस और असली देवदूत बनना
डूबती हुई खुशबू के लिए जब मौत का एक-एक पल बहुत भारी पड़ रहा था, तभी भगवान ने एक फरिश्ता भेज दिया। दरअसल, उसी समय रसूलाबाद निवासी सुखवीर नाम का एक शटरिंग मजदूर अपनी बाइक से उसी पुल के ऊपर से गुजर रहा था। गौरतलब है कि, सुखवीर की तेज नजर जैसे ही पानी में डूबती और छटपटाती हुई उस युवती पर पड़ी, उसने एक पल की भी देरी बिल्कुल नहीं की।
इसलिए, उसने अपनी बाइक को पुल के बीचों-बीच खड़ा किया और बिना अपनी जान की परवाह किए सीधे उस उफनती नदी में अपनी भारी छलांग लगा दी। चूंकि पानी का बहाव बहुत ज्यादा खतरनाक था, जिससे सुखवीर को तैरने में काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बावजूद, उसने अपना हौसला बिल्कुल नहीं टूटने दिया और डूबती हुई खुशबू के बालों को मजबूती से पकड़ लिया। अंततः, उसने अपनी पूरी ताकत लगाकर उसे सुरक्षित किनारे तक खींच लिया।
भाई का मौके पर पहुंचना और पुलिस की अहम कार्रवाई
सुखवीर जब खुशबू को पानी से बाहर निकालकर उसे होश में लाने की कोशिश कर रहा था, तभी एक और घटना हुई। मुख्य रूप से, खुशबू की तलाश में पागलों की तरह भटक रहा उसका भाई पप्पू भी ठीक उसी समय घटनास्थल पर पहुंच गया। अपनी बहन को इस बुरी और गीली हालत में देखकर पप्पू बहुत जोर-जोर से रोने लगा। उसने वहां मौजूद लोगों और पुलिस को अपनी बहन की पूरी और सच्ची दास्तान बताई।
पप्पू ने बताया कि खुशबू की मानसिक स्थिति पहले से ही थोड़ी कमजोर है। पिता की डांट से आहत होकर वह घर से भाग आई थी। नतीजतन, पप्पू ने अपनी बहन की जान बचाने के लिए सुखवीर का हाथ जोड़कर बहुत भारी शुक्रिया अदा किया। इसी बीच, सूचना मिलते ही थाना नगला सिंघी और थाना डौकी की पुलिस भी मौके पर तुरंत पहुंच गई। थाना नगला सिंघी की प्रभारी पारुल मिश्रा ने बताया कि चूंकि मामला थाना डौकी क्षेत्र का था, इसलिए पुलिस ने आवश्यक लिखा-पढ़ी के बाद युवती को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
समाज के लिए एक बड़ी मिसाल और मानसिक स्वास्थ्य का संदेश
मजदूर सुखवीर के इस बड़े और अदम्य साहस ने पूरे समाज के सामने इंसानियत की एक बहुत ही शानदार मिसाल पेश की है। दरअसल, आज के इस संवेदनहीन दौर में जब लोग सड़क हादसों का वीडियो बनाना ज्यादा पसंद करते हैं, सुखवीर ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक अनजान की जान बचाई है। गौरतलब है कि, जिला प्रशासन और पुलिस को ऐसे सच्चे और असली नायकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित जरूर करना चाहिए।
इसके अलावा, इस खौफनाक घटना ने अभिभावकों के लिए भी एक बहुत बड़ा और सख्त संदेश दिया है। चूंकि युवा बच्चों की मानसिक स्थिति को समझे बिना उन्हें कठोर डांट-फटकार लगाना बहुत घातक साबित हो सकता है। इसलिए, माता-पिता को अपने बच्चों के साथ हमेशा एक दोस्ताना व्यवहार बनाए रखना चाहिए। अंततः, ताज न्यूज़ सुखवीर की इस भारी बहादुरी को अपना दिल से सलाम करता है और समाज से ऐसी ही इंसानियत की उम्मीद करता है।
=(#AgraNews #साहस_को_सलाम #YamunaRiver #AgraPolice #HeroicRescue #AgraNewsDesk #TajNews #BraveryAward #ViralNews #TrendingNews #HindiNewsTop #BreakingNewsHindi)

Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777












2 thoughts on “साहस को सलाम: पिता की डांट से नाराज युवती ने यमुना में लगाई छलांग, देवदूत बने मजदूर ने बचाई जान”