जनतंत्र की खोखली होती नींव: चुनाव, संस्थाएं और तानाशाही की बढ़त
Political Desk, Taj News | Updated: Thursday, 22 January 2026, 06:35 PM IST आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर उठते गंभीर सवालों को लेखक राजेंद्र शर्मा अपने इस आलेख में सघन मतदाता पुनरीक्षण (SIR), चुनाव आयोग की निष्पक्षता और सत्ता के चुनावी दुरुपयोग के संदर्भ में सामने रखते … Continue reading जनतंत्र की खोखली होती नींव: चुनाव, संस्थाएं और तानाशाही की बढ़त
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