🎯 ताजमहल बनाम डेवलपमेंट: जब आगरा की सांसें धुएं और धरोहर के बीच अटक गईं

आगरा की हवा में आज सिर्फ़ धूल नहीं, एक सुलगता हुआ सवाल घुला है: क्या जीवनयापन की ज़रूरत, जीवन की गुणवत्ता से ऊपर है? एक तरफ़ वो आवाज़ें हैं जो चीख़-चीख़ कर कहती हैं — “बिना उद्योग के पेट नहीं भरता।” दूसरी ओर वो चिंतित फुसफुसाहट — “बिना ताज के पहचान मिट जाएगी।” यह टकराव … Continue reading 🎯 ताजमहल बनाम डेवलपमेंट: जब आगरा की सांसें धुएं और धरोहर के बीच अटक गईं