सभ्यता का पतन या नैतिक थकान? क्यों धर्मग्रंथ भविष्य को लेकर चेतावनी देते हैं

Political Desk, Taj News | Updated: Tuesday, 20 January 2026, 11:25 AM IST भविष्य को लेकर फैले भय, पतन की आशंकाओं और सभ्यता की आंतरिक थकान को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारोत्तेजक आलेख में धार्मिक ग्रंथों और आधुनिक अनुभवों के बीच से टटोलते हैं, जहाँ रामचरितमानस से लेकर बाइबिल, क़ुरआन, बौद्ध, जैन और सिख … Continue reading सभ्यता का पतन या नैतिक थकान? क्यों धर्मग्रंथ भविष्य को लेकर चेतावनी देते हैं