जब मोहब्बत जानलेवा हो जाए: शायरी से पोस्टमार्टम तक रिश्तों का पतन
Political Desk, Taj News | Updated: Friday, 23 January 2026, 11:05 AM IST नाकाम मोहब्बत के बदलते चेहरे और प्रेम से जुड़ी बढ़ती हिंसा को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारोत्तेजक आलेख में बेहद सख़्त सामाजिक यथार्थ के साथ रखते हैं, जहाँ कभी टूटे दिलों से शायरी और गीत जन्म लेते थे, वहीं आज प्रेम … Continue reading जब मोहब्बत जानलेवा हो जाए: शायरी से पोस्टमार्टम तक रिश्तों का पतन
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