फासीवाद भैया तेजी से आया: मतदाता सूचियों से लोकतंत्र तक बढ़ता खतरा

Political Desk, Taj News | Updated: Tuesday, 20 January 2026, 06:45 PM IST नए साल 2026 की शुरुआत के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर मंडराते खतरे को लेखक राजेन्द्र शर्मा अपने इस आलेख में मतदाता सूचियों के सघन पुनरीक्षण (SIR) के उदाहरण से सामने रखते हैं, जहाँ करोड़ों मतदाताओं के नाम एक झटके में सूची से … Continue reading फासीवाद भैया तेजी से आया: मतदाता सूचियों से लोकतंत्र तक बढ़ता खतरा