भारत का कोचिंग उद्योग: सपनों का बाज़ार, टूटती उम्मीदें और दबाव की फैक्ट्री
Political Desk, Taj News | Updated: Sunday, 25 January 2026, 10:40 AM IST महंगी फीस, झूठे वादों और असहनीय मानसिक दबाव के बीच पिसते लाखों छात्रों की हक़ीक़त को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारात्मक आलेख में सामने रखते हैं, जहाँ कोचिंग अब शिक्षा का सहारा नहीं बल्कि डर और मजबूरी का उद्योग बन चुकी … Continue reading भारत का कोचिंग उद्योग: सपनों का बाज़ार, टूटती उम्मीदें और दबाव की फैक्ट्री
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