कांग्रेस और एनसीपी ने कहा, हम तीनों मिलकर देंगे महाराष्‍ट्र में स्थिर सरकार

कांग्रेस और एनसीपी ने कहा, हम तीनों मिलकर देंगे महाराष्‍ट्र में स्थिर सरकार

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर महाराष्ट्र नेताओं की समन्वय समिति की बैठक खत्‍म हो गई है। शरद पवार के घर बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और महाराष्ट्र कांग्रेस के पृथ्वीराज चव्हाण, बालासाहेब थोराट और नसीम खान आदि मौजूद रहे। साथ ही एनसीपी से सुप्रिया सुले और अजित पवार भी बैठक में शामिल रहे।

बैठक के बाद पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्‍वी राज चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। गठबंधन पर कुछ पहलुओं पर चर्चा होनी बाकी है। कई मुद्दों पर बातचीत जारी रहेगी। सरकार गठन को लेकर जल्द ही किसी निर्णय पर पहुंचा जाएगा। हम महाराष्ट्र में एक स्थिर सरकार देने की उम्मीद करते हैं। महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट को जल्द ही समाप्त किया जाएगा।
एनसीपी के नवाब मलिक ने कहा कि महाराष्ट्र में तीन पार्टियों (कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना) के साथ आए बिना कोई सरकार नहीं बनेगी। यह स्पष्ट है कि कि सरकार बनाने के लिए तीन दलों को एक साथ आना होगा। सिद्धांत रूप में हम महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए सहमत हो गए हैं।

इसके पहले महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणगोपाल और मल्लिकार्जुन खडगे के साथ कांग्रेस मुख्यालय पर सरकार बनाने को लेकर चर्चा की थी। इस बैठक में बालासाहेब थोराट, पृथ्वीराज चव्हाण और नसीम खान मौजूद थे। वहीं, अब कांग्रेस-एनसीपी की समन्वय बैठक के बाद शिवसेना नेता संजय राउत भी आज एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात करेंगे।

राउत बोले, 5-6 दिन में सरकार बनाने की प्रक्रिया हो जाएगी पूरी

इस बीच बुधवार को महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि सारी बाधाएं खत्म हो चुकी हैं, कल दोपहर तक सब कुछ साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले 5-6 दिन में सरकार बनाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। दिसंबर से पहले महाराष्ट्र में लोकप्रिय और मजबूत सरकार बन जाएगी।

भाजपा और शिवसेना का 30 साल पुराना गठबंधन टूटा

गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव साथ लड़ने के बाद सीएम पद के लिए 50-50 की मांग पर में भाजपा और शिवसेना का 30 साल पुराना भगवा गठबंधन टूट गया है। शिवसेना ने राज्य ही नहीं, केंद्र सरकार से भी अपने एकमात्र मंत्री डॉ. अरविंद सावंत को इस्तीफा दिलवा दिया है।
इसके बाद शिवसेना ने विपक्षी पार्टियों एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का विकल्प तलाशना शुरू कर दिया। कांग्रेस को इस चुनाव में 44 सीटें और एनसीपी को 54 सीटें मिली हैं। शिवसेना इन दोनों पार्टियों के साथ मिलकर बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने और अपना मुख्यमंत्री बनाने के प्रयास में है। महाराष्ट्र में 12 नवंबर से राष्ट्रपति शासन लागू है और सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद बीजेपी अलग-थलग पड़ गई है।

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