22 दिन बाकी हैं मंत्रिमंडल विस्तार के लिए, हुआ तो ठीक नहीं तो ऐसे ही होगा चुनाव

22 दिन बाकी हैं मंत्रिमंडल विस्तार के लिए, हुआ तो ठीक नहीं तो ऐसे ही होगा चुनाव

मंत्रिमंडल विस्तार के लिए वैसे तो 24 और 27 अगस्त तारीखों पर चर्चा हुई थी। चूंकि इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का निधन हो गया। जिसके चलते 24 तारीख तो निकल गई। फिर 27 तारीख आई। चूंकि इस तारीख से देश के राष्ट्रपति उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं इसलिए उनके दौरे तक फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार की कोई संभावना नजर नहीं आती…

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार ‘तारीखों और पक्षों’ में फंसने लगा है। केंद्रीय नेतृत्व का दबाव उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर लगातार बना हुआ है, लेकिन कुछ न कुछ ऐसा हो रहा है जिससे मंत्रिमंडल विस्तार में देरी होती जा रही है। फिलहाल अब उत्तर प्रदेश के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के लिए महज ’22 दिन शुभ’ बचे हैं। अगर इन 22 दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होता है तो विस्तार मुश्किल होगा और भाजपा इन्हीं मंत्रियों और नेताओं के रिपोर्ट कार्ड के सहारे चुनाव मैदान में उतरेगी। हालांकि भाजपा के आलाकमान से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अगले 10 दिन में उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार संभव है।

भाजपा से जुड़े केंद्रीय नेताओं का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए वैसे तो 24 और 27 अगस्त तारीखों पर चर्चा हुई थी। चूंकि इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का निधन हो गया। जिसके चलते 24 तारीख तो निकल गई। फिर 27 तारीख आई। चूंकि इस तारीख से देश के राष्ट्रपति उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं इसलिए उनके दौरे तक फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार की कोई संभावना नजर नहीं आती। इसी दौरान कृष्ण जन्माष्टमी भी है। इसलिए अगले तीन से चार दिन इसमें भी निकल जाने हैं। हालांकि केंद्रीय नेतृत्व से जुड़े पार्टी के अहम सदस्यों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार तीन सितंबर से

सात सितंबर के बीच में किया जाना है।
हालांकि उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर शुरुआत से ही दो मत बने हुए हैं। एक प्रभावशाली ग्रुप का कहना है कि चुनाव से चंद महीने पहले होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार का लाभ कम नुकसान ज्यादा हो सकता है। इसलिए मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार के कुछ अहम प्रभावशाली व्यक्तियों का भी यही मानना है। लेकिन केंद्रीय नेतृत्व के सामने यह लोग खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। वहीं भाजपा और संघ के जिम्मेदार पदाधिकारियों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार की पूरी रूपरेखा तय कर दी गई है। जिसमें अब कोई भी फेरबदल नहीं होने की गुंजाइश है। इस टीम से जुड़े एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि अनुमान पूरा है कि सितंबर के पहले सप्ताह में मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी की यूपी सरकार के पास अब महज 22 दिन ही शुभ दिन के तौर पर बचे हुए हैं। यूपी भाजपा से जुड़े एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि 22 दिनों के बाद पितृपक्ष शुरू हो जाएंगे। और पितृपक्ष के दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचने की पूरी कोशिश रहती है। इसलिए अगर मंत्रिमंडल विस्तार होना होगा तो 19 सितंबर से पहले हर हाल में हो जाएगा। उनका कहना है अगर 19 सितंबर तक विस्तार नहीं होता है तो आने वाले विधानसभा के चुनावों में वर्तमान कैबिनेट के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर उत्तर प्रदेश की सरकार आने वाले विधानसभा के चुनाव में मैदान में उतरेगी। यानी कि मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होगा।

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