तुर्की और फ्रांस के बीच छिड़ा कार्टून वॉर, महिला का बुर्का उठाते दिखे तुर्की के राष्ट्रपति

फ्रांस और तुर्की के बीच विवाद और गहराता जा रहा है. इसी बीच फ्रांस की एक साप्ताहिक मैगजीन शार्ली एब्दो (Charlie Hebdo) भी विवादों में आ गई है. इस कार्टून में तुर्की के राष्ट्रपति को महिला का बुर्का उठाते दिखाया गया है. वहीं तुर्की के राष्ट्रपति को अधनंगा दिखाया गया है. अब इस कार्टून को लेकर भी विवाद और गहरा गया है.

तुर्की के राष्‍ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगान ने इस कार्टून को बनाने वाले को ‘दुष्ट’ कहा है. तुर्की ने एब्दो के खिलाफ ‘सांस्कृतिक नस्लभेद’ करने का आरोप लगाया.

तुर्की के राष्‍ट्रपति ने कहा, ‘मैं इन दुष्‍टों के बारे में कुछ नहीं कहूंगा जिन्‍होंने इतने बड़े पैमाने पर हमारे पैगंबर को अपमानित किया.’ उन्‍होंने आगे कहा कि ये बहुत ही ‘घिनौना हमला’ है. हम कार्टून पर राजनयिक और कानूनी कार्रवाई करेंगे.

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद

बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरूआत तब हुई जब फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून अपनी क्लास में दिखाने वाले शिक्षक की गला काट कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. शिक्षक की हत्या करने वाला 18 साल का लड़का था. हालांकि पुलिस ने उस को मौके पर गोली मार दी थी. टीचर की हत्या के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फ्रीडम ऑफ स्पीच का समर्थन किया था. साथ ही फ्रांस ने इस घटना को इस्लामिक आतंकवाद बताया था जिसके बाद से तुर्की और फ्रांस के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. इसके अलावा कई मुस्लिम देश भी फ्रांस के खिलाफ हो गए हैं.

पहले भी मैगजीन ने छापा था विवादित कार्टून

साल 2015 में चार्ली हेब्दो मैगजीन के दफ्तर पर जिहादियों ने हमला कर दिया था जिसमें 12 लोग मारे गए थे. इनमें पत्रिका के सबसे चर्चित कार्टूनिस्ट भी शामिल थे. तब भी पत्रिका में पैगंबर मोहम्मद से जुड़े कार्टून प्रकाशित किए गए थे.

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