2+2 वार्ताः भारत-अमेरिका के बीच हुए 5 समझौते

भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (BECA) पर हस्ताक्षर हो गए. दोनों देशों के बीच ‘टू प्लस टू’ वार्ता हुई, जिसमें दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्री मिले. बैठक के बाद दोनों देशों की ओर से साझा बयान जारी किया गया है.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बयान में कहा कि भारत और अमेरिका की दोस्ती लगातार मजबूत हुई है. ‘टू प्लस टू’ बैठक में दोनों देशों ने कई मसलों पर मंथन किया, जिसमें कोरोना संकट के बाद की स्थिति, दुनिया की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा के मसलों पर कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बात की गई.

राजनाथ सिंह के मुताबिक दोनों देशों ने परमाणु सहयोग बढ़ाने को लेकर कदम बढ़ाए हैं, साथ ही भारतीय उपमहाद्वीप में सुरक्षा की स्थिति को लेकर विस्तार से बात की है. उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि हमने बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (बीईसीए) पूरा कर लिया है, जिससे सूचना साझा करने के नए रास्ते खुलेंगे.

उन्होंने कहा कि हम अमेरिका के साथ आगे के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हुआ है. हम उद्योगों और सेवा क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं. हमारी साझेदारी वर्तमान चुनौतियों के मद्देनजर और महत्वपूर्ण हो जाती है. हम दोनों नियम-आधारित आदेश और लोकतंत्र में विश्वास करते हैं.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आज दोनों देशों के बीच दुनिया के कई बड़े मसलों पर बात हुई है. दोनों देशों में आर्थिक, डिफेंस, इन्फॉर्मेशन साझा करने को लेकर कई स्तर पर सहमति बनी है, साथ ही इन क्षेत्रों में लगातार उन्नति भी हो रही है. दोनों देशों के बीच बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देश आपस में सैन्य जानकारियां साझा कर पाएंगे.

जयशंकर ने कहा कि दोनों देश सैटेलाइट और अन्य अहम इनपुट्स बिना किसी रोक-टोक के एक दूसरे को दे पाएंगे. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि आज दुनिया में काफी बड़ी चीजें हो रही हैं, दोनों देश नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं. पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई में भारत-अमेरिका की दोस्ती मजबूत हुई है.

वहीं माइक पोम्पियो ने कहा कि आज सुबह मैंने वॉर मेमोरियल पर भारतीय सेना के शहीदों को श्रद्धांजलि दी, जिसमें गलवान घाटी में शहीद हुए 20 जवान भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी लगातार कई हथकंडे अपनाकर दुनिया को डराने की कोशिश कर रही है लेकिन भारत और अमेरिका सिर्फ चीन ही नहीं बल्कि अन्य सभी चुनौतियों से साथ लड़ने के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका डिफेंस, साइबर स्पेस, इकॉनोमी के क्षेत्र में साथ हैं और मजबूती के साथ खड़े रहेंगे. इससे पूर्व उन्होंने कहा था कि आज दो महान लोकतंत्रों के करीब बढ़ने का शानदार अवसर है. इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षा और स्वतंत्रता के मद्देनजर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के खतरों का सामना करने के लिए आज हम चर्चा कर रहे हैं.

अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क टी. एस्पर ने कहा कि हमने विशेष रूप से पिछले वर्ष के दौरान भारत के साथ अपनी रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत किया है, जिसके दौरान हमने अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा और सूचना साझाकरण को उन्नत किया है. हमारा सहयोग एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक और सिद्धांतों की चुनौतियों को पूरा करता है.

एस्पर ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत और अमेरिका की दोस्ती ना सिर्फ एशिया बल्कि दुनिया के लिए काफी अहम है. चीन की ओर से दुनिया के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है, ऐसे में बड़े देशों को साथ आना होगा. मार्क एस्पर के मुताबिक भारत-जापान और अमेरिका साथ में कई सैन्य ऑपरेशंस करेंगे, मालाबार एक्सरसाइज़ भी की जाएगी.

इन समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

  1. बुनियादी विनिमय और सहयोग समझौता
  2. पृथ्वी विज्ञान पर तकनीकी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन
  3. परमाणु सहयोग पर व्यवस्था का विस्तार
  4. डाक सेवाओं पर समझौता
  5. आयुर्वेद और कैंसर अनुसंधान में सहयोग पर समझौता

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