शिक्षा नीति में सरकार का दखल और प्रभाव कम से कम होना चाहिए- पीएम मोदी

शिक्षा नीति में सरकार का दखल और प्रभाव कम से कम होना चाहिए- पीएम मोदी
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Modi) ने सोमवार को नई शिक्षा नीति पर आयोजित राज्यपालों की कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया. PM मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लेकर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (New national education policy) से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पूरा होगा. इस कार्यक्रम में देश भर के तमाम राज्यपाल और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भी भाग लिया.
पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
  • देश की आकांक्षाओं को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था होती है. शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी से केंद्र , राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, सभी जुड़े होते हैं. लेकिन ये भी सही है कि शिक्षा नीति में सरकार, उसका दखल, उसका प्रभाव, कम से कम होना चाहिए.
  • पीएम मोदी ने कहा कि नई शिक्षा नीति बहुत ही प्रासंगिक है और इस पर बहुत मंथन किया गया. लाखों लोगों ने सुझाव दिए.
  • आज दुनिया में नौकरियों को लेकर चर्चा हो रही है, ऐसे में शिक्षा नीति को ज्ञान और स्किल पर तैयार करेगी. ये नीति न्यू इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के मिशन को पूरा करेगी.
  • नई शिक्षा नीति रटने के बजाय सीखने पर फोकस करती है, ये Curriculum से आगे बढ़कर Critical Thinking पर ज़ोर देती है.
  • इस पॉलिसी में Process से ज्यादा Passion, Practicality और Performance पर बल दिया गया है. इसमें foundational, learning और languages पर भी फोकस है.
  •  5 साल से देशभर के लोगों ने अपने सुझाव दिए. ड्राफ्ट पर 2 लाख से अधिक लोगों ने अपने सुझाव दिए थे. सभी ने इसके निर्माण में अपना योगदान दिया है.  नई शिक्षा नीति पर  को तैयार करने में लाखों लोगों से बात की गई, जिनमें छात्र-शिक्षक-अभिभावक सभी शामिल थे.
  • आज हर किसी को ये नीति अपनी लग रही है, जो सुझाव लोग देखना चाहते थे वो दिख रहे हैं. अब देश में नई शिक्षा नीति को लेकर देश में उसके लागू करने के तरीके पर संवाद हो रहा है, ये इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे 21वें सदी के भारत का निर्माण होना है.
  • देश में ही बढ़िया कैंपस होंगे, जिससे बाहर पढ़ाई करने की कोशिशें कम होंगी. साथ ही कोशिश की गई है कि ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा मिले.
  • जैसे विदेश नीति किसी सरकार की ना होकर देश की होती है, ये शिक्षा नीति भी किसी सरकार नहीं बल्कि देश की शिक्षा नीति है.
देश भर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं पर कई वेबिनार, वर्चुअल कॉन्फ्रेंस और सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं. शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पिछले दिनों राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत उच्च शिक्षा में परिवर्तनकारी सुधारों पर सम्मेलन आयोजित किया था, जिसे खुद प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधित किया था. शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का विषय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बदलावों में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भूमिका’ रखा गया है

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